Tuesday, 29 September 2015

सोचो कितने फसाद होते

समंदर सारे शराब होते तो सोचो कितने फसाद होते,
हकीक़त हो जाते ख्वाब सारे तो सोचो कितने फसाद होते
किसी के दिल में क्या छुपा है बस ये खुदा ही जानता  है ,
दिल अगर बे नक़ाब होते तो सोचो कितने फसाद होते
थी ख़ामोशी फितरत हमारी तभी तो बरसों निभा गई,
अगर हमारे मुंह में भी जवाब होते तो सोचो कितने फसाद होते
हम अच्छे थे पर लोगों की नज़र मे सदा रहे बुरे,
कहीं हम सच में खराब होते तो सोचो कितने फसाद होते!!

लोग

अगर लोग केवल जरुरत पर
ही आपको याद करते है तो
बुरा मत मानिये बल्कि
गर्व कीजिये  क्योंकि
मोमबत्ती की याद तभी आती है,
जब अंधकार होता है।"

ज़िंदगी

"मैं अपनी 'ज़िंदगी' मे हर किसी को
'अहमियत' देता हूँ...क्योंकि
जो 'अच्छे' होंगे वो 'साथ' देंगे...
और जो 'बुरे' होंगे वो 'सबक' देंगे!!

ज़हर

खाने में कोई 'ज़हर' घोल दे तो
एक बार उसका 'इलाज' है..
लेकिन 'कान' में कोई 'ज़हर' घोल दे तो,
उसका कोई 'इलाज' नहीं है।

मित्र

आइना और परछाई के
जैसे मित्र रखो क्योकि
आइना कभी झूठ नही बोलता
और परछाई कभी साथ नही छोङती......

इंसान

सड़क कितनी भी साफ हो
"धुल" तो हो ही जाती है,
इंसान कितना भी अच्छा हो
"भूल" तो हो ही जाती है!!!

रिश्ता

"रिश्ता" दिल से होना चाहिए,
शब्दों से नहीं,
"नाराजगी" शब्दों में होनी चाहिए
दिल में नहीं!

फूलों पत्थर

कभी फूलों की तरह मत जीना,
जिस दिन खिलोगे ,
टूट कर बिखर्र जाओगे ,
जीना है तो पत्थर की तरह जियो;
जिस दिन तराशे गए ,
"भगवान" बन जाओगे!!!

सच बिकता है झूट बिकता है

सच बिकता है , झूट बिकता है,
बिकती है हर कहानी ,
तीनों लोक में फेला है , फिर भी
बिकता है बोतल में पानी !!

सब कुछ बिकता है

यहाँ सब कुछ बिकता है ,
दोस्तों रहना जरा संभाल के ,
बेचने वाले हवा भी बेच देते है ,
गुब्बारों में डाल के!!

भाग्य

जो भाग्य में है,
वह भाग कर आएगा!
जो नहीं है
वह आकर भी भाग जाएगा!!

Friday, 20 March 2015

ज़ुल्फ़ें

ज़ुल्फ़ें(zulf ,julf ,zulfe ,ज़ुल्फ़ )

तुम्हारी जुल्फों की छाओ में 
कुछ इस कदर डुब चुके थे हम कि 
वो तो किसी ने हमे अपना नाम लेके पुकार लिया 
वरना हम तो खुद को भी भुल चुके थे ।



Tuesday, 10 March 2015

समय

समय  को  मानो  पंख  लगे  है। 

टिक टिक  करता निकला जाये। 

और सबको पीछे छोड़े जाये। 
जो साथ समय के चलता जाये। 
जीवन में वो बढ़ता जाये|
समय से जो पीछे हो जाये। 
वो बस पीछे चलता जाये। 
साथ समय के चलते जाओ। 
खुद को  निकट लक्ष्य के पाओ। 
ये सब तो कल्पित था बाबा। 
ये सब तो भ्रम था बाबा। 
चल निरंतर बड़ले बाबा। 
यही समय की मांग है बाबा। 




Sunday, 8 March 2015

महिला

बेटी पुत्री महिला माँ बहन 

daughter mother sister

woman's day  

सौ भाग्य मिले है जीवन में।
एक भाग्य से बेटा मिलता है।
पर सौभाग्य से बेटी मिलती है।
हैप्पी विमेंस डे । 

Friday, 6 March 2015

होली

होली (holi )

होली की इस बेला पे 
कुछ तो दृढ़ विश्वास करो तुम ,
छोड़ के हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई
थोड़ा सा इंसान बनो तुम.

Wednesday, 4 March 2015

भौर

भौर (bhor ) सुबह (morning )

+Bhor  ka +Waqt  hai 
charo or gajab ki shanti hai 
jo mn ko aseem anand dene wali hai...
kabhi kahti h yha kabhi kahti hai wha...
phir kahti hai kahi bhi jao bs charo or me hu bs me hu... 
or phir dhire dhire purab se nikalta narangi dhua mano ek nayi umang ka ehsah dila rha h...
or phir suraj ki kuch chhupi hui kirne 
ek nayi urja ka ehsas dila rhi h...
or is subah ka ek naya josh 
jo kahta h kuch naya kro is umang or urja ke sath....
or ek ped se chidiyo ki chahchaht ati h 
to lgta h mano ki kisi ne mere kano me 7 suro ko ghol ke dal diya ho 
jise pine ko mere kan utable ho uthe h...
is subah ne to mano kuch is tarah jagya h 
jese me barsho se sapno me khoya hua sa soya tha.



Tuesday, 3 March 2015

इत्त्फ़ाक

इत्त्फ़ाक (ittefaq )

Ajeeb itifaaq h 
ajeeb hi sham h
bhula chuke the usko
pr aj ek pulanda unki yado ka sath h.
Ek #dard #jigar me bd jata h
jb chout e pulanda hoti h
phir #yado ki us gathri se 
yad bikhrne lagti h
phir ek ek kr un yado ko 
#dil se lgaye bhaithe h
or unko bulane #mahkhano ke 
jamo me khud ko dubaye bhaithe h.