here we share andaj e shayrana...
खाने में कोई 'ज़हर' घोल दे तो एक बार उसका 'इलाज' है.. लेकिन 'कान' में कोई 'ज़हर' घोल दे तो, उसका कोई 'इलाज' नहीं है।
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